22 नवंबर 2012 - 20:30

तेहरान में जुमा की नमाज़ में आयतुल्लाह मुहम्मद काशानी ने कहा है कि ज़ायोनी शासन और उसके समर्थकों को ग़ज़्ज़ा में ८ दिवसीय युद्ध के दौरान पराजय का सामना करना पड़ा है..............

तेहरान में जुमा की नमाज़ में आयतुल्लाह मुहम्मद काशानी ने कहा है कि ज़ायोनी शासन और उसके समर्थकों को ग़ज़्ज़ा में ८ दिवसीय युद्ध के दौरान पराजय का सामना करना पड़ा है।आयतुल्लाह मुहम्मद काशानी ने तेहरान में जुमा की नमाज़ के भाषण में ग़ज़्ज़ा पट्टी पर ज़ायोनी शासन के आक्रमणों की आलोचना करते हुए कहा कि इस शासन ने कुछ अरब व इस्लामी देशों तथा साम्राज्यवादी देश अमरीका की सहायता से एक बार पुनः इस क्षेत्र पर आक्रमण किया किंतु फिलिस्तीनी राष्ट्र के संघर्ष व प्रतिरोध ने इस शासन के किसी भी उद्देश्य को पूरा नहीं होने दिया।उन्होंने इस बात पर बल देते हुए कि ग़ज़्ज़ा पट्टी के फिलिस्तीनियों के विरुद्ध ज़ायोनी शासन के ८ दिवसीय युद्ध का परिणाम इस शासन और उसके समर्थकों के लिए अपमान की कालिख के अलावा कुछ नहीं निकला, बल दिया कि इस्राईल की बर्बरता, पाश्विकता और हिंसा पूरे विश्व के सामने खुल कर आ गयी।तेहरान में जुमा की नमाज के भाषण में आयतुल्लाह मुहम्मद काशानी ने सीरिया की सरकार और जनता के विरुद्ध शत्रुओं के षडयंत्रों की ओर संकेत करते हुए कहा कि  क्षेत्र में प्रतिरोध व संघर्ष के शत्रु ज़ायोनी शासन के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए आतंकवादियों को शस्त्र देकर प्रतिरोध के मोर्चे को हानि पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं किंतु उन्हें इसमें विफलता का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि यदि मुसलमान एकजुट हो जाएं तो अमरीका और ज़ायोनी शासन को क्षेत्र में एक क्षण ठहरने की भी जगह नहीं मिलेगी।  .......166